पुरानी चीज़ें
मोहब्बत है मुझे
पुरानी तस्वीरों से,
पुराने गानों से,
पुरानी यादों से,
मुझे अपनी हर उस चीज़ से मोहब्बत है,
जो अब पुरानी हो चली है।
एक उम्र गुज़ारी है मैंने उनके साथ।
मेरा कैमरा, मेरी ऐनक, मेरी घड़ी
मेरा ग्रामोफ़ोन, मेरी कुर्सी,
मेरी प्रेमिका से ज़्यादा,
मुझे अकेला इन सबने देखा है।
जब मैं एकांत में बैठा संगीत सुनता हूँ।
देखा है,
जब घंटों मैं, अपनी कुर्सी पर ख़्याल बुनता हूँ।
देखा है,
ऐनक लगाए, शायरी लिखते हुए मुझे।
देखा है,
खिड़की से बारिश को कैमरे में समेटते हुए।
देखा है,
कैसे इनको ख़ुद से दूर कर दूँ?
कैसे मैं रफ़्तार पकड़ लूँ?
मैंने ज़िन्दगी के तमाम मुश्किल दिन
बिताये हैं, अपनी इन चीजों के साथ
तभी
मोहब्बत है मुझे
हर उस चीज़ से जो पुरानी हो चली है।
© हर्ष वर्धन सिंह

शुक्रिया
ReplyDeleteBadhia
ReplyDeleteधन्यवाद
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